असेंडिंग ट्रायंगल का ठीक उल्टा है डिसेंडिंग ट्रायंगल (Descending Triangle)। यहाँ नीचे की लाइन सपाट होती है और ऊपर की लाइन नीचे की ओर झुकती जाती है। यह पैटर्न बताता है कि बेचने वाले धीरे-धीरे हावी हो रहे हैं और एक सपोर्ट पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
डिसेंडिंग ट्रायंगल क्या है?
डिसेंडिंग ट्रायंगल एक बेयरिश पैटर्न है जो आम तौर पर डाउनट्रेंड में गिरावट जारी रहने का संकेत देता है। इसमें:
- ऊपरी ट्रेंडलाइन नीचे आती हुई होती है – यानी हर उछाल पहले से नीचे रुक जाता है (लोअर हाई)।
- निचली ट्रेंडलाइन सपाट (Flat) होती है – यानी एक साफ़ सपोर्ट, जिसे प्राइस बार-बार छूता है।

यह पैटर्न क्या बताता है?
गिरते हुए हाई दिखाते हैं कि बेचने वाले ज़्यादा आक्रामक हैं – वे हर बार पहले से कम भाव पर भी बेचने को तैयार हैं। खरीदार एक ही सपोर्ट पर बचाव कर रहे हैं, लेकिन हर टच के साथ उनकी ताक़त कम होती जाती है। आख़िरकार सपोर्ट टूटता है और रुकी हुई बिकवाली एक साथ बाहर आती है।
पैटर्न की पहचान
- पहले डाउनट्रेंड हो।
- नीचे कम से कम दो बार प्राइस एक ही लेवल पर रुका हो।
- ऊपर कम से कम दो गिरते हुए हाई हों।
- हॉरिज़ॉन्टल सपोर्ट लाइन के नीचे ब्रेक और कैंडल का क्लोज पैटर्न की पुष्टि करता है।
- ब्रेकडाउन के बाद पुरानी सपोर्ट लाइन रेजिस्टेंस बन जाती है।
डिसेंडिंग ट्रायंगल को ट्रेड कैसे करें?

- कन्फ़र्मेशन – प्राइस ट्रायंगल की सपोर्ट लाइन के नीचे ब्रेकडाउन करके बंद हो, और वॉल्यूम बढ़ा हो।
- एंट्री – सपोर्ट लाइन के नीचे ब्रेकडाउन पर।
- स्टॉप-लॉस – ट्रायंगल की ऊपरी (नीचे आती) ट्रेंडलाइन के ऊपर।
- टारगेट – ट्रायंगल की ऊँचाई नापें और इसे ब्रेकडाउन पॉइंट से नीचे घटाएँ।
जो निवेशक शॉर्ट नहीं करते, उनके लिए यह पैटर्न एक चेतावनी है: सपोर्ट पर बार-बार खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर जब ऊपर के हाई लगातार गिर रहे हों।
तीनों ट्रायंगल एक नज़र में

- सिमेट्रिकल ट्रायंगल – दोनों लाइनें झुकी हुई और आपस में मिलती हुई। न्यूट्रल; अक्सर पिछले ट्रेंड की दिशा में टूटता है।
- असेंडिंग ट्रायंगल – ऊपर सपाट, नीचे बढ़ती लाइन। बुलिश संकेत।
- डिसेंडिंग ट्रायंगल – ऊपर गिरती लाइन, नीचे सपाट। बेयरिश संकेत।
तीनों में नियम एक जैसा है: ब्रेकआउट की दिशा का इंतज़ार करें, क्लोज और वॉल्यूम से पुष्टि लें, और टारगेट ट्रायंगल की ऊँचाई से तय करें।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- डिसेंडिंग ट्रायंगल में ऊपर नीचे आती ट्रेंडलाइन और नीचे सपाट सपोर्ट होता है।
- यह आम तौर पर डाउनट्रेंड में गिरावट जारी रहने का बेयरिश संकेत है।
- सपोर्ट के नीचे क्लोज और वॉल्यूम से पुष्टि लें; ब्रेकडाउन के बाद वही लेवल रेजिस्टेंस बनता है।
- स्टॉप-लॉस ऊपरी ट्रेंडलाइन के ऊपर, टारगेट = ट्रायंगल की ऊँचाई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या डिसेंडिंग ट्रायंगल कभी ऊपर भी टूटता है?
हाँ, कभी-कभी प्राइस ऊपरी ट्रेंडलाइन तोड़कर ऊपर चला जाता है, खासकर जब यह पैटर्न लंबी गिरावट के अंत में बने। इसीलिए दिशा का अंदाज़ा लगाने की बजाय ब्रेकआउट की पुष्टि का इंतज़ार करें।
डिसेंडिंग ट्रायंगल और बेयरिश रेक्टेंगल में क्या अंतर है?
बेयरिश रेक्टेंगल में ऊपर और नीचे दोनों लाइनें सपाट होती हैं। डिसेंडिंग ट्रायंगल में नीचे की लाइन सपाट होती है लेकिन ऊपर की लाइन नीचे की ओर झुकी होती है, जो बेचने वालों की बढ़ती ताक़त दिखाती है।
ब्रेकडाउन के बाद रिटेस्ट पर क्या करें?
ब्रेकडाउन के बाद प्राइस अक्सर टूटे हुए सपोर्ट तक लौटता है। अगर वहाँ से फिर बिकवाली आए, तो यह शॉर्ट एंट्री या होल्डिंग से बाहर निकलने का दूसरा मौका हो सकता है।
इस सीरीज़ का अगला लेख: ट्रिपल टॉप पैटर्न क्या है? पहचान, नेकलाइन और टारगेट (Triple Top Pattern in Hindi) →
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, इसे निवेश या ट्रेडिंग की सलाह न समझें। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम के अधीन है। कोई भी निर्णय लेने से पहले अपनी रिसर्च करें या किसी रजिस्टर्ड सलाहकार से बात करें।



