साफ़ आसमान में अचानक काले बादल छा जाएँ, तो बारिश का अंदाज़ा लग जाता है। चार्ट पर डार्क क्लाउड कवर (Dark Cloud Cover) पैटर्न भी कुछ ऐसा ही बताता है – चलती हुई तेज़ी पर अचानक बिकवाली के बादल छा गए हैं।
कल हमने काउंटर अटैक लाइन्स पढ़ा था। डार्क क्लाउड कवर उसी तरह का, लेकिन उससे ज़्यादा मज़बूत बेयरिश पैटर्न है।
डार्क क्लाउड कवर क्या है?
डार्क क्लाउड कवर दो कैंडल्स से बनने वाला बेयरिश पैटर्न है जो अपट्रेंड से डाउनट्रेंड में संभावित ट्रेंड रिवर्सल का संकेत देता है। इसमें:
- पहली कैंडल – एक हरी (बुलिश) कैंडल, जो दिखाती है कि बुल्स नियंत्रण में हैं।
- दूसरी कैंडल – एक लाल कैंडल जो ऊपर की ओर गैप-अप खुलती है, लेकिन पहली कैंडल के मध्य बिंदु (50%) के नीचे बंद होती है।

इसके पीछे की साइकोलॉजी
- पहली हरी कैंडल पर खरीदार हावी हैं – अपट्रेंड मज़बूत दिख रहा है।
- अगले दिन प्राइस गैप-अप खुलता है – लगता है तेज़ी और बढ़ेगी।
- लेकिन ऊँचे भाव पर बेचने वाले आ जाते हैं और प्राइस को पिछली हरी कैंडल के आधे से भी नीचे ला देते हैं।
यह दर्शाता है कि बायर्स अपना मोमेंटम खो रहे हैं और सेलर्स नियंत्रण ले रहे हैं। जिन्होंने गैप-अप पर खरीदा, वे फँस गए – और वही आगे बेचने वाले बन सकते हैं।
डार्क क्लाउड कवर को ट्रेड कैसे करें?

- कन्फ़र्मेशन – दूसरी बेयरिश कैंडल का क्लोज पहली बुलिश कैंडल की बॉडी के मिडपॉइंट से नीचे हो, और वॉल्यूम में बढ़ोतरी हो। सेल सिग्नल की पुष्टि पैटर्न के लो के नीचे होती है।
- एंट्री – दूसरी बेयरिश कैंडल के लो के नीचे प्राइस ब्रेकआउट पर।
- स्टॉप-लॉस – पहली बुलिश कैंडल के हाई (या पैटर्न के सबसे ऊँचे बिंदु) के ऊपर।
- टारगेट – नज़दीकी सपोर्ट लेवल, या ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस।
पैटर्न कब ज़्यादा मज़बूत होता है?
- लाल कैंडल पहली हरी कैंडल में जितनी गहराई तक (50% से जितना नीचे) बंद हो, संकेत उतना मज़बूत।
- पैटर्न किसी मज़बूत रेजिस्टेंस या पुराने हाई के पास बने।
- दूसरी कैंडल पर वॉल्यूम ज़्यादा हो।
- अगर लाल कैंडल पहली हरी कैंडल को पूरा ढक ले, तो वह डार्क क्लाउड नहीं, बल्कि बेयरिश एनगल्फ़िंग बन जाता है – जो और भी मज़बूत संकेत है।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
- डार्क क्लाउड कवर अपट्रेंड में बनने वाला दो कैंडल का बेयरिश रिवर्सल पैटर्न है।
- दूसरी लाल कैंडल गैप-अप खुलती है और पहली हरी कैंडल के 50% से नीचे बंद होती है।
- सेल सिग्नल की पुष्टि पैटर्न के लो के नीचे होती है।
- एंट्री लाल कैंडल के लो के नीचे, स्टॉप-लॉस हरी कैंडल के हाई के ऊपर।
- जितनी गहरी लाल कैंडल, उतना मज़बूत संकेत।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
डार्क क्लाउड कवर और बेयरिश एनगल्फ़िंग में क्या फ़र्क है?
डार्क क्लाउड कवर में लाल कैंडल पहली हरी कैंडल के आधे से नीचे बंद होती है लेकिन उसे पूरा नहीं ढकती। बेयरिश एनगल्फ़िंग में लाल कैंडल पहली हरी कैंडल की पूरी बॉडी ढक लेती है।
अगर गैप-अप न हो तो?
भारतीय शेयरों में कई बार गैप नहीं होता। अगर दूसरी कैंडल पहली कैंडल के हाई के आसपास खुलकर उसके 50% से नीचे बंद हो, तो भी कई ट्रेडर इसे डार्क क्लाउड कवर जैसा संकेत मानते हैं, हालाँकि गैप के साथ यह ज़्यादा भरोसेमंद है।
इसका उल्टा बुलिश पैटर्न कौन-सा है?
इसका उल्टा बुलिश पैटर्न “पियर्सिंग पैटर्न” है, जो डाउनट्रेंड में बनता है। इसे हम सीरीज़ में आगे देखेंगे।
इस सीरीज़ का अगला लेख: इनवर्टेड हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न क्या है? (Inverted Hammer in Hindi) →
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, इसे निवेश या ट्रेडिंग की सलाह न समझें। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम के अधीन है। कोई भी निर्णय लेने से पहले अपनी रिसर्च करें या किसी रजिस्टर्ड सलाहकार से बात करें।



